पावर बैंक पर लिखी mAh की संख्या देखकर ही मत ख़रीदिए। उसमें से कुछ हिस्सा चार्ज करते समय बेकार चला जाता है, इसलिए असली चार्ज लिखे आँकड़े से कम मिलता है।
समझने की बातें:
1. 10,000 mAh का पावर बैंक आम तौर पर फ़ोन को उतनी बार चार्ज नहीं कर पाता जितना आँकड़े से लगता है। असली संख्या फ़ोन की बैटरी पर निर्भर है।
2. आउटपुट वाट देखें। आपका फ़ोन तेज़ चार्जिंग मानता है, तो पावर बैंक भी उसी स्पीड का होना चाहिए।
3. पोर्ट: USB-C और USB-A दोनों हों तो सुविधा रहती है।
4. सुरक्षा: ओवरहीटिंग, शॉर्ट-सर्किट से बचाव और भरोसेमंद ब्रांड देखें। BIS जैसी मंज़ूरी का निशान देखना अच्छा रहता है।
5. वज़न: बड़ी क्षमता का पावर बैंक भारी होता है। रोज़ साथ रखना हो तो छोटा लें।
6. हवाई यात्रा: पावर बैंक आम तौर पर केबिन बैग में ही रखना होता है। एयरलाइन के नियम पहले देख लें।
