बाज़ार में सैकड़ों ईयरबड्स हैं और सब बड़े-बड़े दावे करते हैं। इन पाँच बातों से आप दावों के बीच सही चुनाव कर सकते हैं।
1. बैटरी का असली मतलब
“40 घंटे” जैसा आँकड़ा आम तौर पर केस की बैटरी मिलाकर होता है। अकेले बड्स आम तौर पर कुछ घंटे ही चलते हैं। पैकेट पर देखें कि बड्स का समय कितना है और केस से कितनी बार चार्ज होंगे। ऊँची आवाज़ पर समय और घट जाता है।
2. कॉल के लिए माइक
अगर कॉल ज़्यादा करते हैं तो कम से कम 2 माइक और शोर घटाने की सुविधा (ENC) वाला लें। सिर्फ़ गाने सुनने हैं तो यह उतना ज़रूरी नहीं।
3. देरी (Latency)
वीडियो या गेम में आवाज़ देर से आए तो मज़ा बिगड़ता है। गेम खेलते हैं तो कम latency (लगभग 50 मिलीसेकंड या कम) वाला मोड देखें।
4. फ़िट और आराम
यह सबसे निजी बात है। लंबे समय तक कान में चुभे तो अच्छे फ़ीचर भी बेकार हैं। सही साइज़ की सिलिकॉन टिप होना ज़रूरी है। रिटर्न की सुविधा हो तो पहले आज़माकर देखें।
5. पानी और पसीने से बचाव
IPX4 जैसी रेटिंग बताती है कि छींटों और पसीने से बचाव है, पानी में डुबोने से नहीं। जिम या दौड़ के लिए कम से कम IPX4 लें।
ध्यान रखें
- बहुत तेज़ आवाज़ पर लंबे समय तक सुनना कानों के लिए ठीक नहीं है।
- वायर वाले ईयरफ़ोन में बैटरी की झंझट नहीं होती और वे सस्ते भी होते हैं।
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