पावर बैंक ख़रीदते समय सबसे बड़ा नंबर mAh दिखता है। पर 20000mAh लिखा होने का मतलब यह नहीं कि आपका फ़ोन 20000mAh चार्ज हो जाएगा। यह गाइड सीधे और सरल तरीक़े से बताती है कि असल में क्या देखना चाहिए।
mAh का असली हिसाब
पावर बैंक के अंदर की बैटरी अलग वोल्टेज पर चलती है और फ़ोन अलग पर चार्ज होता है। इसलिए बीच में कुछ ऊर्जा बेकार चली जाती है। मोटे अंदाज़े से, लिखी हुई क्षमता का लगभग 60 से 70 प्रतिशत ही फ़ोन तक पहुँचता है।
- 20000mAh का पावर बैंक: फ़ोन तक लगभग 12000 से 14000mAh।
- 5000mAh की बैटरी वाला फ़ोन: मोटे तौर पर 2 से 3 बार चार्ज।
यह अंदाज़ा है। असली नतीजा पावर बैंक की क्वालिटी, केबल और फ़ोन के मॉडल पर बदलता है।
वॉट (W) क्यों देखें
वॉट बताता है कि चार्जिंग कितनी तेज़ होगी। फ़ोन के लिए 18W से 33W काफ़ी रहता है। लैपटॉप या टैबलेट को चार्ज करना हो तो 45W या उससे ज़्यादा चाहिए। तेज़ चार्जिंग तभी मिलती है जब फ़ोन भी उस तेज़ चार्जिंग को सपोर्ट करे।
बाक़ी ज़रूरी बातें
- पोर्ट: Type-C पोर्ट अब सबसे काम का है। एक से ज़्यादा डिवाइस चलाने हों तो ट्रिपल आउटपुट वाला लें।
- सुरक्षा: ओवरचार्ज, शॉर्ट-सर्किट और ज़्यादा गर्म होने से बचाव वाली सुविधा लिखी हो, और भरोसेमंद कंपनी का ही लें।
- वज़न: बड़ा पावर बैंक भारी होता है। रोज़ बैग में रखना है तो वज़न ज़रूर जाँचें।
- हवाई यात्रा: हवाई यात्रा में पावर बैंक हैंड-बैग में रखना पड़ता है, चेक-इन सामान में नहीं। एयरलाइन का नियम पहले देख लें।
कम शब्दों में
रोज़ फ़ोन के लिए 10000mAh काफ़ी है। यात्रा या दो दिन बिजली न मिलने की हालत में 20000mAh लें। नंबर से ज़्यादा भरोसेमंद कंपनी, वॉट और सुरक्षा की सुविधा पर ध्यान दें।
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