कई लोग सबसे सस्ता उपकरण ले लेते हैं, पर बिजली का बिल हर महीने बढ़ता रहता है। इसलिए असली लागत = ख़रीद की कीमत + सालों का बिजली ख़र्च।
ये बातें देखें:
1. स्टार रेटिंग: ज़्यादा स्टार का मतलब आम तौर पर कम बिजली।
2. अंदाज़ा लगाइए कि रोज़ कितने घंटे चलेगा।
3. सही साइज़ चुनिए। ज़रूरत से बड़ा उपकरण ज़्यादा बिजली खाता है, छोटा ठीक से काम नहीं करता।
4. दो मॉडल का 5 साल का कुल ख़र्च जोड़कर तुलना कीजिए।
कई बार थोड़ा महँगा, ज़्यादा स्टार वाला मॉडल कुछ सालों में सस्ता पड़ता है। हमारे बिजली वाले टूल से यह हिसाब आसानी से लग जाता है।
