रिफ़र्बिश्ड यानी पहले इस्तेमाल हुआ और जाँच-मरम्मत करके फिर बेचा गया सामान। यह सस्ता मिलता है, पर इसमें जोखिम भी है।
फ़ायदे:
1. कीमत नए से कम होती है।
2. फ़ोन, लैपटॉप जैसी चीज़ों में काम चलाऊ विकल्प मिल जाता है।
जोखिम:
1. बैटरी पुरानी हो सकती है और जल्दी जवाब दे सकती है।
2. वारंटी कम या सीमित हो सकती है।
3. विक्रेता भरोसेमंद न हो तो पुराना या ख़राब सामान मिल सकता है।
अगर लेना ही है तो:
1. बड़े और भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म या कंपनी की अपनी रिफ़र्बिश्ड योजना से ही लें।
2. वारंटी और रिटर्न की शर्त लिखित में देखें।
3. बैटरी की हालत और सामान की कोई ख़राबी पूछें।
4. बिल ज़रूर लें।
5. अंतर कम हो तो नया सामान लेना बेहतर है। कीमत की तुलना करके ही फ़ैसला करें।
AC, फ्रिज जैसे सामान में सर्विस की ज़रूरत पड़ती है, इसलिए वहाँ नया लेना आम तौर पर सुरक्षित रहता है।
